अशोक खराट हिंदुस्तान में फैले हुए धार्मिक कुरुतियों से निकला हुआ एक नासूर है और देश में व्याप्त अंधविश्वास का जीता जागता उत्पाद है ! भारत में धर्म के नाम पर पाखंडी बाबाओं ने, ज्योतिषों ने, अंक शास्त्रियों ने, वास्तु शास्त्रियों ने मान्यताओं और तर्कहीन विश्वास का ऐसा मायाजाल बिछाया …
Read More »चैत्र नवरात्र गरबा महोत्सव : धर्मभीरु जनता को लूटने का नया शगूफा
आज समाचार पत्र में लाखों रुपए का आधे पेज का गरबा महोत्सव का विज्ञापन देखा, चैत्र नवरात्र में गरबा महोत्सव ? देवी के नाम पर मनोरंजन का उपद्रव , जीवन दायिनी के नाम पर कामना और भोगविलास का हुल्लड़, मुक्ति दायिनी के नाम पर बंधनों और अशांति का उत्पात , …
Read More »इंसान के अहंकार ने दुनिया जीने लायक नहीं छोड़ी, कोट – टाई पहन के पशु वाले काम ?
एक सप्ताह पहले सुबह सुबह पत्नि चिड़चिड़ाते हुए बोली कि दिन भर मोबाइल लेकर बैठे रहते हो, पत्रकार बने फिरते हो लेकिन ना तो तुम्हें दुनिया की खबर है ना घर की .. आग लगे ऐसी पत्रकारिता को ? मैंने पूछा कि क्या हुआ ? ऑफिस में बॉस जीना मुहाल …
Read More »भारत को सामर्थ्यवान बनना होगा
धुरंधर 2 के साथ साथ धुरंधर 94 भी देखिये , हर स्टॉक एक्सचेंज में ये फिल्म लगी है, हर उस स्टूडेंट के माथे पे देख सकते हो जो अमेरिका या विदेश पढ़ने जाना चाहता है, हर उस नागरिक के चेहरे पर नजर आ रही है जो अपनी स्कूटर, कार में …
Read More »जब रक्षक ही भक्षक बन जायें
इंदौर में एक ही परिवार के 8 लोग घर में आग लगने से झुलस कर मर गये ? क्या हुआ ? कुछ नहीं हुआ ! मीडिया का कहना है कि फायर ब्रिगेड 1 घंटे बाद आई ? तो क्या हुआ ? ऐसा तो होता ही रहता है ! ऐसा ही …
Read More »अवसरवादियों के लिये संवेदनाएं प्रकट करना बनी विशुद्ध व्यवसायिकता
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद देहवसान हो गया, उनकी बेटी ‘ स्पेशल चाइल्ड ‘ थी और उसके बाद सोशल मीडिया शोकपूर्ण संदेशों से भर गया, हेमंत खंडेलवाल सादगी के पर्याय हैं, वे एक निहायत ही सहज, विनम्र और जमीन से जुड़े …
Read More »नेताओं के राजशाही जलवे
जो खुद को जनप्रतिनिधि कहते है और जनता जिनको अपना नेता समझती है, आज कल उनके जलवे हैं, राजा महाराजाओं की तरह रहने वाले, अपने साथ 2 – 4 केमरामेन रख कर चलने वाले, देश की गरीब जनता के वोटों पर अय्याशी के महलों में जनता दरबार लगाने वाले ये …
Read More »ICU के वो 24 घँटे
जिंदगी चल रही थी जैसी लगभग सबकी ही चलती है, वही पैदाइश ,बचपन, ज्ञान नहीं बल्कि नौकरी / व्यवसाय के लिये स्कूल, कॉलेज जाना, फिर रोजगारोन्मुखी शिक्षा ले के जीवनयापन के लिये नौकरी या व्यवसाय करना I पैसे , ओहदे, इज्जत के पीछे अंधी दौड़, शादी , बच्चे, परिवार, यार …
Read More »प्यार और नफरत की अबूझ कहानी
जोड़ियाँ स्वर्ग में नहीं बनती, जोड़ियाँ स्वार्थ वश बनती हैं ! ज्यादातर रिश्ते लड़की की सुंदरता और रंग – रौगन देख कर बनते हैं एवं लड़के की नौकरी, तनख्वाह और संपत्ति देख कर बनते हैं और हां अधिकांश जोड़े खुदगर्जी और अहंकार से बने रिश्तों के साथ नर्क भुगतते हैं …
Read More »सत्य और बुद्धिमता का मजाक उड़ाती हिंदुस्तान की गलगोटिया यूनिवर्सिटी
हिंदुस्तान के नेता क्यों देश में शिक्षा को बढ़ावा देंगे ? शिक्षा से ज्ञान, बोध और समझ आती है और अगर मतदाता शिक्षित हो गया तो नेता वोटर्स को झूठ के झांसे में कैसे फंसायेंगे ? बात झूठ की है तो बात गलगोटिया यूनिवर्सिटी की तो आयेगी ही, बताया जा …
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