सिया गोयल और केतन अग्रवाल की शादी फरवरी में तय हुई थी और नवंबर 2026 में शादी होना तय हुआ था , सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल का करोड़ों का ड्राई फ्रूटस का व्यापार है ! सिया की भी बेकरी शॉप थी, सिया की बेकरी शॉप के पास ही …
Read More »सादगी की मिसाल हेमंत खंडेलवाल
भाजपा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सादगी इतनी स्वाभाविक है कि महसूस ही नहीं होता कि वे मध्य प्रदेश भाजपा संगठन के अध्यक्ष पद पर विराजमान हैं, साधारण सा पेंट – शर्ट, सहज स्वभाव, भाषा में नम्रता, चाल में सरलता, अहंकार विहीन व्यक्तित्व, नाम मात्र का भी दिखावा नहीं …
Read More »मूर्खों का वर्चस्व
आज के अखबार में लाखों रुपए का एक पूरे पृष्ठ का विज्ञापन देखा ' कैंसर हीलर सेंटर ' का उद्घाटन था और उद्घाटन कर रहे थे सनातन धर्म के गौरव, बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री I घटिया जादू दिखाकर पर्ची निकालकर चूरण से उपचार करने वाले, लोगों के अंदर बैठे …
Read More »श्रीराम को जानते भी हैं हम ? आज के युग में राम कहां !
मुक्ति की उड़ान / भोपाल राम आज ज्यादातर लोगों को क्यों पसंद आयेंगे ? हर युग , उस युग के मूल्यों के अनुरूप अपने आदर्शों को, अपने नायकों को चुनता भी है , गढ़ता भी है , आज के युग का आदर्श है भोग ( Consumption ) , तो आज …
Read More »ढल गया दिन , हो गई शाम, जाने दो जाना है ! अभी अभी तो आई हो, अभी अभी जाना है !!
हमजोली फिल्म का ये गीत बड़ा ही चर्चित हुआ था, जितेंद्र और लीना चंदावरकर की जोड़ी चर्चा में आ गयी थी , बेटमिंटन कोर्ट में फिल्माया गया ये गाना बेजोड़ था, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का लाजवाब संगीत , ढल गया दिन .. टिक, हो गयी शाम .. टिक , जाने दो.. …
Read More »डाकू रत्नाकर बनकर नर्क जाना है या महर्षि वाल्मीकि बनकर अमर हो जाना है ?
दिल्ली हाई कोर्ट ने समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की एफ़आईआर और ई. डी. की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच को रद्द कर दिया है ! अदालत ने कहा, “मौजूदा कार्यवाही न केवल दुर्भावनापूर्ण है, बल्कि याचिकाकर्ताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता …
Read More »हर कोशिश जारी है कि कहीं भारतीय राजनीति को कोई अध्यात्मिक , बुद्धिजीवी और संजीदा नेतृत्व ना मिल जाये ??
भारत में ज्ञान और शिक्षा ‘ मिस्टर इंडिया ‘ हो चुके और लोकतंत्र का ‘ राम नाम सत्य ‘ हो चुका है, शिक्षा और ज्ञान की जगह जुगाड़, बेईमानी, धोख़ा, षड्यंत्र, सेटिंग ने जगह ले ली है और लोकतंत्र की जगह अधिनायकवाद और दबंगई ने ले ली है I मीनाक्षी …
Read More »मझधार में नैया डोले, तो मांझी पार लगाये मांझी जो नाव डुबोए, उसे कौन बचाए ?
राजेश खन्ना की फिल्म अमर प्रेम का एक गाना याद आ रहा है, आर डी बर्मन का संगीत , आनंद बख़्शी के बोल और किशोर कुमार की आवाज का जादू … ” चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाये सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाए ? ” ऐसा ही …
Read More »युवाओं के लिये अब अंतिम अवसर है कि मुट्ठी बांधो और जोर से बोलो ‘ इंकलाब ‘ जिंदाबाद !!
आज रात के खाने के बाद मोहल्ले में घूम रहा था तो महसूस किया कि मध्यमवर्गीय परिवार अपने कर्जों से लिये घरों में बेचैनी भरे माहौल में शांति से रहने का नाटक करता है, हर दूसरे घर में टी वी चल रहा था कहीं ‘ इंडियन आईडल ‘ चल रहा …
Read More »पर्यावरण दिवस पर विशेष
भोपाल 2047 की कल्पना, विकास का प्लान नहीं विनाश का षड्यंत्र है ! मुक्ति की उड़ान / भोपाल भोपाल में एक तरफ हजारों – लाखों पेड़ विकास के नाम पर काटे जा रहे हैं और नेता ” एक पेड़ मां के नाम ” का प्रपंच कर रहे हैं ! भोपाल …
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