भाजपा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सादगी इतनी स्वाभाविक है कि महसूस ही नहीं होता कि वे मध्य प्रदेश भाजपा संगठन के अध्यक्ष पद पर विराजमान हैं, साधारण सा पेंट – शर्ट, सहज स्वभाव, भाषा में नम्रता, चाल में सरलता, अहंकार विहीन व्यक्तित्व, नाम मात्र का भी दिखावा नहीं …
Read More »ढल गया दिन , हो गई शाम, जाने दो जाना है ! अभी अभी तो आई हो, अभी अभी जाना है !!
हमजोली फिल्म का ये गीत बड़ा ही चर्चित हुआ था, जितेंद्र और लीना चंदावरकर की जोड़ी चर्चा में आ गयी थी , बेटमिंटन कोर्ट में फिल्माया गया ये गाना बेजोड़ था, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का लाजवाब संगीत , ढल गया दिन .. टिक, हो गयी शाम .. टिक , जाने दो.. …
Read More »डाकू रत्नाकर बनकर नर्क जाना है या महर्षि वाल्मीकि बनकर अमर हो जाना है ?
दिल्ली हाई कोर्ट ने समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की एफ़आईआर और ई. डी. की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच को रद्द कर दिया है ! अदालत ने कहा, “मौजूदा कार्यवाही न केवल दुर्भावनापूर्ण है, बल्कि याचिकाकर्ताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता …
Read More »हर कोशिश जारी है कि कहीं भारतीय राजनीति को कोई अध्यात्मिक , बुद्धिजीवी और संजीदा नेतृत्व ना मिल जाये ??
भारत में ज्ञान और शिक्षा ‘ मिस्टर इंडिया ‘ हो चुके और लोकतंत्र का ‘ राम नाम सत्य ‘ हो चुका है, शिक्षा और ज्ञान की जगह जुगाड़, बेईमानी, धोख़ा, षड्यंत्र, सेटिंग ने जगह ले ली है और लोकतंत्र की जगह अधिनायकवाद और दबंगई ने ले ली है I मीनाक्षी …
Read More »मझधार में नैया डोले, तो मांझी पार लगाये मांझी जो नाव डुबोए, उसे कौन बचाए ?
राजेश खन्ना की फिल्म अमर प्रेम का एक गाना याद आ रहा है, आर डी बर्मन का संगीत , आनंद बख़्शी के बोल और किशोर कुमार की आवाज का जादू … ” चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाये सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाए ? ” ऐसा ही …
Read More »युवाओं के लिये अब अंतिम अवसर है कि मुट्ठी बांधो और जोर से बोलो ‘ इंकलाब ‘ जिंदाबाद !!
आज रात के खाने के बाद मोहल्ले में घूम रहा था तो महसूस किया कि मध्यमवर्गीय परिवार अपने कर्जों से लिये घरों में बेचैनी भरे माहौल में शांति से रहने का नाटक करता है, हर दूसरे घर में टी वी चल रहा था कहीं ‘ इंडियन आईडल ‘ चल रहा …
Read More »पर्यावरण दिवस पर विशेष
भोपाल 2047 की कल्पना, विकास का प्लान नहीं विनाश का षड्यंत्र है ! मुक्ति की उड़ान / भोपाल भोपाल में एक तरफ हजारों – लाखों पेड़ विकास के नाम पर काटे जा रहे हैं और नेता ” एक पेड़ मां के नाम ” का प्रपंच कर रहे हैं ! भोपाल …
Read More »अंजना ओम कश्यप जैसी पढ़ी लिखी महिला दलाल एंकर क्यों बनी ?
भारत में शिक्षा को गाली समझा जाता है, मैं ऐसा इसलिए लिखने को मजबूर हूं क्योंकि भारत के एक शीर्ष न्यूज़ मीडिया की एक दलाल एंकर द्वारा शिक्षकों को दो कौड़ी का कहा गया है, यहां मैं आपको बता दूं कि कई किस्म के दलाल होते हैं लेकिन पिम्प वह …
Read More »मध्य प्रदेश में वोट का वरदान पाये भस्मासुर
हमारी पौराणिक कथाओं में कोई भी असुर तपस्या कर के, देवों से अमर होने का वर मांग लेता था ! एक कथा है जो भगवान शिव और भस्मासुर के बीच की है I भस्मासुर ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की, शिव जी प्रसन्न हो गये …
Read More »” लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में “
बशीर बद्र साहब जैसे फनकार मरते नहीं हैं , वो तो अपने प्रशंसकों और उनके फन के मुरीदों के दिल में हमेशा के लिये जिंदा रहेंगे ! बशीर बद्र साहब से कुछ 20 साल पहले श्यामला हिल्स स्थित एक दोस्त के घर पर मुलाकात हुई थी, वो भी दावत में …
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