अशोक खराट हिंदुस्तान में फैले हुए धार्मिक कुरुतियों से निकला हुआ एक नासूर है और देश में व्याप्त अंधविश्वास का जीता जागता उत्पाद है ! भारत में धर्म के नाम पर पाखंडी बाबाओं ने, ज्योतिषों ने, अंक शास्त्रियों ने, वास्तु शास्त्रियों ने मान्यताओं और तर्कहीन विश्वास का ऐसा मायाजाल बिछाया है कि मनुष्य इसमें फंस के बस तड़पड़ाता भर है, लुटता भर है लेकिन उसे हासिल कुछ होता नहीं ! इस पूरी कहानी में आश्चर्यजनक बात ये है कि अशोक खैरात के झूठे जाल में पढ़े – लिखे लोग, समृद्ध परिवार, राजनेता, अभिनेता, अधिकारी और व्यापारी वर्ग भी फंसा हुआ था और अशोक खराट पुरुषों को तो लूटता ही था और महिलाओं का यौन शोषण भी करता था !
अशोक खराट की शिक्षा क्या हुई पता नहीं, लेकिन उसने मर्चेंट नेवी में 22 साल काम किया, फिर नासिक जिले मे अपने गांव आ गया, गांव में उसने एक मंदिर का निर्माण किया और साथ ही अंक ज्योतिष के बारे में कुछ ज्ञान अर्जित किया और गांव में ही यूं ही रस्ते चलते लोगों की जन्म तारीख पूछ कर उनका भविष्य बताने लगा, धीरे धीरे अंधविश्वासी जनता के बीच उसकी ख्याति होने लगी , शनै शनै उसके मंदिर की प्रसिद्धि भी बढ़ने लगी, अशोक खराट को लोग ‘ God Man ‘ कहने लगे, मंदिर के ट्रस्ट के साथ ताकतवर लोग जुड़ने लगे और मंदिर के दरबार में राजनेता, अभिनेता और तथाकथित प्रभावी लोग आने लगे !
इस बीच अशोक खराट नासिक में आलीशान घर और ऑफिस बनाकर अपना ज्योतिष का धंधा नासिक से चलाने लगा, अशोक खराट अपना ज्योतिष का धंधा डर और भय दिखाकर करता था, रिमोट से चलने वालों सांपो से लोगों डराता था, इलाज के तौर पर इमली के बीजों को मोती कहकर 10000 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक बेचता था , इस तरह अशोक खराट ने सैकड़ों करोड़ों रुपए की अवैद्य संपत्ति बना ली थी I जब उसको लगने लगा कि लोग उसके अंधभक्त हो गयें हैं तो जिन महिलाओं को बच्चे नहीं हो रहे होते हैं या जिनको पति के अवैद्य संबंध की शिकायत थी, उन महिलाओं को यौनि पूजा करवाता था और उनका यौन शोषण करता था I फिर क्या था एक दिन भांडा फूट गया और दूसरों के जीवन के भविष्य के बारे में बताने वाला धूर्त अशोक खराट खुद जेल में है I हमारे देश में अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी हैं सैकड़ों बार धोखे खाने के बाद संभ्रात लोग भी ऐसे ढोंगियों के चक्कर में फंस ही जाते हैं और पैसा, आबरू, प्रतिष्ठा सब कुछ लुटा कर उनके पास रोने के अलावा कुछ नहीं बचता I
एक हैं रुपाली चाकणकर जो राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा हैं, वो अशोक खैरात के ट्रस्ट की सदस्या थी और बलात्कारी अशोक खराट की चेली थी ! रुपाली चाकणकर की फोटो वायरल हो रही है जिसमें वो अशोक खराट के पांव धो रही हैं ? एक महिला आयोग की अध्यक्ष क्या महिलाओं की रक्षा करेगी ? जो खुद ही ऐसे धूर्तों के चक्कर में फंसी हुई हो ? आखिर क्या कारण है कि लोग धूर्त ज्योतिषों और पाखंडी बाबाओं के जंजाल में फंसते हैं ? इसका कारण है कि हम कभी ये समझ ही नहीं पाते की जो भी शक्तिशाली है वो हमारे अंदर ही है, ना ही हमें हमारी शिक्षा बताती है कि जो कुछ भी ताकत है, बलशाली है वो हमारे पास है, हम ही हैं … वो कहीं बाहर नही है !
जब हमें ये विश्वास है कि सर्वमानशक्ति बाहर है तो हम उसे हम बाहर ढूंढते हैं , हमको लगता है कि हमारी अधूरी इच्छायें और कामनाएं भी कोई बाहर बैठी शक्ति ही पूरा करेगी, हमको ये भी लगता है कि हमारी सफलता , खुशी और समृद्धि को भी कोई बाहरी बाधा रोक रही है तो हम उस बाधा को दूर करने की कोशिश करते हैं और मक्कार ज्योतिषों के चक्कर में फंसते हैं और अपनी असफलता का दोष शनि, गुरु और मंगल ग्रह को देते हैं और उपचार के रूप में इमली के बीज अंगूठी के रूप में धारण करते हैं ! आदमी अपने दुखों और मक्कारी का कारण खुद को कभी नहीं देता ! कभी बाप को, कभी मां को, कभी सरकार को , मौसम को या कभी हालात को देता है यहां तक कि लाखों किलोमीटर दूर ब्रह्मांड में अपने कक्ष में घूम रहे ग्रहों को देता है लेकिन अपने दोष नहीं देखता ? आदमी ग्रहों को जानना चाहता है लेकिन खुद को जानना नही चाहता , इसलिए तो हमारे धर्म ग्रंथ उपनिषद, वेदांत, हमारे ऋषि – मुनि ‘ आत्मज्ञान ‘ पर जोर देते हैं लेकिन हम अपने धार्मिक ग्रंथो को छोड़कर पौराणिक कथाओं से सच्ची – झूठी कहानियों को सच मान कर उनको ही धर्म मान बैठे हैं और दुनिया के बाजार में कपटी, बेईमान लोगों से धोख़ा खाते हैं I
जब तक प्रत्येक भारतीय खुद को नहीं जानेगा तब तक यूं ही अशोक खराट जैसे लोगों की ठगी का शिकार होते रहेगा !
