आज रात के खाने के बाद मोहल्ले में घूम रहा था तो महसूस किया कि मध्यमवर्गीय परिवार अपने कर्जों से लिये घरों में बेचैनी भरे माहौल में शांति से रहने का नाटक करता है, हर दूसरे घर में टी वी चल रहा था कहीं ‘ इंडियन आईडल ‘ चल रहा था, कहीं ” कपिल शर्मा शो ” I इंडियन आईडल रियलिटी शो पिछले 6 महीने से चल रहा है, सिंगिंग कांपीटीशन अब मूर्खों का स्टेज शो बन के रह गया है, पेशेवर जज गैर जरूरी रूप से थके हुए प्रतिभागियों की तारीफ करते रहते हैं, कुल मिलाकर संगीत का सर्कस चल रहा है, चैनल और जज अथाह पैसे कमा रहे हैं लेकिन मध्यमवर्गीय परिवार देखे जा रहा है, अपना कीमती वक़्त बर्बाद कर रहा है ? दूसरी और कपिल शर्मा शो में तमाम तरह की बदतमीजियां चल रही हैं लेकिन सनातनी परिवार एक साथ बैठ के गंदे जोक्स को एंजॉय कर रहा है !
घटिया जीवन जीते लोगों को इतने दुख हैं, तनाव हैं कि लोगों को कैसा भी मनोरंजन चाहिए , भले ही महा घटिया हो ? 10 – 12 – 15 साल पहले कोई आश्लील लाफ्टर शो देखा था कभी ? आज पोर्न फिल्म जैसी वेबसिरीज देख रही युवा पीढी बर्बाद हो रही है, अब दुश्मन बाहर कहीं नहीं है वो तुम्हारे घर में तुम्हारे शयन कक्ष में मौजूद है , तुम्हारे हाथ में मौजूद है , वो तुम्हारे जहन में तुम्हें बेहोश रखने के लिये 24 घंटे तैयार है और तुम मनोरंजन की अफीम खा के दुनियादारी से परे बेसुध पड़े हो I
क्या घटिया मनोरंजन में और धार्मिक नफरत में डूबे हिंदुस्तान के युवा को, मध्यवर्गीय परिवारों को मालूम भी है कि देश में क्या हो रहा है ? देश के युवा छात्रों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में क्या हो रहा है ? CBSE की कॉपियों की चेकिंग में सब गड़बड़ घोटाला हो रहा है ? जागरूक युवा ‘ कॉकरोच ‘ बनकर भृष्ट तंत्र का विरोध करने की कोशिश कर रहा है ? बेरोजगार युवक इतना कुंठित हो चुका है कि ‘किन्नर ‘ बनकर ट्रेनों में ताली बजाकर भीख मांगने को मजबूर है ? नरसिंहपुर – जबलपुर – कटनी ट्रेन मार्ग पर कई दर्जन लड़के साड़ी और मेक अप कर के किन्नर बनकर यात्रियों से वसूली करते हुए गिरफ्तार किये गये हैं ? शिक्षित युवाओं का कहना है कि क्या करते ? रोजगार है नहीं, रेलवे के कानून में पकड़ा भी गये तो ऐसे मामलों में आसानी से जमानत मिल जाती है, किन्नर बनकर कमाई कर रहे युवाओं को आसानी से रोज 1500 से 2000 रुपए की कमाई हो जाती है ?
देश की नाकामयाब सत्ता ने युवाओं को पेट भरने का नया रास्ता बता दिया है, असल में पकौड़े की दुकान में प्रतिस्पर्धा बहुत हो गयी थी ? ये युवा बेरोजगार ही क्या पूरा देश ताली बजा रहा है .. राजनीतिक जोकरों की कलाबाजियों से पूरा देश मनोरंजन में डूब गया है, मध्यप्रदेश का राजनीतिक मुखिया जमीनी स्तर पर तो ना प्रदेश के लिये कुछ कर पाया ना जनता के लिये कुछ भी कर पा रहा है लेकिन जनता के पैसों से खरीदी EV का नंबर VB2047 ( विकसित भारत 2047 ) लिखवा कर मुंगेरी लाल के हसीन सपने जरूर जनता को दिखा रहा है .. है ना खल्लास मनोरंजन ??
अगर तुम सत्ता में बैठे अनपढ़ और अपराधियों को यूं ही सत्ता में बैठाते रहे, उनके धार्मिक नफरती बयानों पर ताली बजाते रहे, पूंजीपतियों और भृष्ट नेताओं की दोस्ती पर भी ताली बजाते रहे या पूंजीपतियों द्वारा जंगलों और पहाड़ों को कटता देख कर भी ताली बजाते रहे या अरबों रुपये के पेपर लीक घोटालों के बावजूद ताली बजाते रहे या पूंजीपतियों के दलाल चैनल देखकर ताली बजाते रहे या पाखंडी धर्म गुरुओं के पाखंड और अंधविश्वास में शामिल होकर ताली बजाते रहे या सरकारी तंत्र की भृष्टता और असफलता से हुई मौतों का नजरंदाज करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब तुम्हारे युवा बच्चे जगह – जगह किन्नर बनकर पेट भरने को मजबूर हो जायेंगे और किसी दिन किसी सरकारी निकम्मेपन और बेईमानी से हुए हादसे के शिकार हो जायेंगे ?
छोड़ो सब नशे और विरोध करना सीखो, अपने आत्मसम्मान को पहचानो, गलत लोगों को अपने जीवन से, अपने जहन से निकालो, देश को निकम्मे और स्वार्थी लोगों के गिरोह ( Nexus ) से बचाओ , मूर्छता से बाहर निकलो, टी वी बंद करो, चाटुकारिता छोड़ो, नफरत छोड़ो, मोबाइल की रील छोड़ो, ताली नहीं बजाना है, मुट्ठी बांधना है और जोर से बोलना है ‘ इंकलाब ‘ जिंदाबाद !!
