पिछोर विधायक प्रीतम लोधी और उनके बेटे दिनेश लोधी का थार कांड जबसे मीडिया में वायरल हुआ , तभी से मुझे गंगाजल फिल्म के साधु यादव और उसके बेटे सुंदर यादव के चरित्र याद आ रहे हैं, वही साधु यादव जैसे तेवर, वही जनता को कीड़े – मकोड़े समझना, सरकारी अधिकारियों को पीटना, बेईमानी से टेंडर हासिल करना , पुलिस को गुलाम समझना, पुलिस सख्त रूप अपनाये तो अफसर का तबादला होना और तबादला ना हो तो रास्ते से हमेशा के लिये हटाना, सरकारी तंत्र को अपने हिसाब से तोड़ना – मरोड़ना और तंत्र को गुलाम बनाये रखने की प्रवृत्ति का होना I
और जब कोई सख्त आईपीएस अधिकारी अमित कुमार ( अजय देवगन ) जैसा आ जाये तो उसको हड़काना, धमकाना कि वो नौकरी ही छोड़ दे ? गंगाजल फिल्म में साधु यादव और उसका कुपुत्र सुंदर यादव का क्षेत्र में इतना आतंक था कि जनता उनके जुल्मों की मूक समर्थक थी , उनके गुंडे जिसको चाहे उठा लेते थे और गवाहों और बिना साक्ष्य के पुलिस के हाथ भी बंधे होते थे और जब पुलिस और जनता साधु यादव , सुंदर यादव और उनके गुंडों के अत्याचार और ज्यादती से हलाकान हो जाती है तो पुलिस लॉकअप में बंद साधु यादव के गुंडों की आँखों में एसिड डाल देती है और जनता साधु यादव और सुंदर यादव को सड़कों पर पीट पीट के मार डालती है ! क्या करे जनता और पुलिस ? गुंडा प्रवृत्ति और बाहुबली नेताओं की यही नियति है !
साधु यादव और सुंदर यादव की जोड़ी का पहला पुनर्जन्म उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुआ था जब बाहुबली केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के कुपुत्र बेटे आशीष मिश्रा ने उसकी थार गाड़ी से 4 किसानों समेत 8 लोगों को कुचल दिया गया था I और उसके बाद अजय मिश्रा टेनी का पुत्र प्रेम जग जाहिर हुआ था , जब पार्टी ने जनता और मीडिया के दबाव में बाहुबली टेनी का साथ छोड़ा तब कहीं जा के आशीष मिश्रा को जेल में डाला गया ?
गंगाजल फिल्म के साधु यादव और सुंदर यादव की जोड़ी का दूसरा पुनर्जन्म पिछोर विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां के दसवीं पास विधायक प्रीतम लोधी और उसके बेटे दिनेश लोधी की कहानी साधु यादव और सुंदर यादव की कहानी से जुदा नहीं है ! प्रीतम लोधी पर विभिन्न थानों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, जिला बदर, हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, अपहरण, घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में कुल 37 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। ये गुंडे और अपराधी हमारे नेता हैं ? हम जैसे है वैसे ही तो हमारे नेता हैं ? प्रीतम लोधी का बिगडैल लड़का दिनेश लोधी बिना नंबर प्लेट की , प्रीतम लोधी की ब्रॅैंडिंग की हुई , Z ब्लेक फिल्म लगी काले शीशे की थार जीप को तीन लड़कों और 2 स्कूल जा रही लड़कियों पर चढ़ा देता है और गाड़ी से उतरकर उनसे सहानुभूति जताने के बजाय घायल लड़कों से बहस करता है कि सायरन बजाने और हॉर्न बजाने पर भी क्यों नहीं हटे ? इसलिए चढ़ा दी गाड़ी ? इन अहंकारी नेताओं के दंभ के आगे जनता की जान सिर्फ दो कौड़ी की है ?
गंगाजल फिल्म के तेज तर्रार SSP अमित कुमार का पुनर्जन्म करेरा थाने के SDOP आयुष जाखड़ के रूप में हुआ है, 2022 के IPS आयुष जाखड़ सख़्त मिजाज हैं, उन्होंने ना केवल थार गाड़ी जब्त ही की बल्कि आरोपी दिनेश लोधी की थाने में परेड करा दी और सख्त लहजे में औकात में रहने की सलाह दे दी ! आयुष जाखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं और उनके पिता भी IPS अफसर रहे हैं, आयुष जाखड़ MBBS डॉक्टर हैं, डॉक्टरी करने के बाद उन्होंने UPSC क्लीयर किया और IPS अधिकारी बने, आयुष जाखड़ की पत्नि अनु बेनीवाल भी IPS अफसर हैं और अभी ग्वालियर में ASP पदस्थ हैं I पहले तो अशिक्षित अक्खड़ अहंकारी नेता प्रीतम लोधी अभिनेता बन के बेटे के विरुद्ध और जनता के पक्ष में अभिनय कर रहा था लेकिन जैसे ही उसके अहंकार पर चोट लगी तो वो अपनी औकात में आ गया और शायद उसके अंदर गंगाजल के साधु यादव की आत्मा जागृत हो गयी ?
जब डॉक्टर IPS आयुष जाखड़ ने गुंडे दिनेश लोधी की गर्मी निकाली तो प्रीतम लोधी को बुखार चढ़ गया और प्रीतम लोधी अहंकार के नशे में अटर सटर बकने लगा कि क्या करेरा तेरे डैडी का है ? मेरे हाथ 100 किलो के हैं ? आयुष जाखड़ तेरे घर में 10000 लोगों को ला के तेरा घर गोबर से भर दूंगा वगैरह वगैरह ? एक IPS अफसर को जिसने 14 लाख लोगों के बीच UPSC परीक्षा और इंटरव्यू क्वालिफाय करके महज पूरे देश में 300 लोगों में अपना स्थान बनाया है, ये देश का दुर्भाग्य ही है कि एक 10 वीं पास अनपढ़ नेता एक बुद्धिमान सक्षम अधिकारी को अपशब्द कह रहा है ?
मुख्य मंत्री मोहन यादव या और राज्यपाल महोदय को तुरंत अस्वस्थ दिमाग , दिमागी दिवालियेपन का मामला बनाकर प्रीतम लोधी की विधायकी छीन कर राजनेताओं की बिगड़ती छवि को ठीक करने की कोशिश करना चाहिए और साथ ही IPS एसोशिएशन को प्रीतम लोधी द्वारा IPS आयुष जाखड़ के अपमान को पूरे IPS केडर का अपमान मानकर सरकारी अधिकारी को धमकाने के विरोध में कलम बंद हड़ताल कर प्रीतम लोधी को सीखचों के पीछे डालना चाहिए वरना फिर तो IPS अघिकारी का कैसा मान सम्मान ? किसी अनपढ़ अपराधी किस्म के विधायक का कोई हक नहीं कि वो सार्वजनिक रूप से एक पुलिस अधिकारी को धमकी दे और अपशब्द कहे ! जनता को भी गुंडे मवालियों को अपना नेता चुनने से परहेज करना चाहिए, क्यों जनता अपराधियों को संवैधानिक अधिकारों से नवाजती है ? समझ से परे है ?
