कुछ साल पहले की बात है, अखिल भारतीय विधार्थी परिषद ( ABVP ) के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान मेरा ABVP भोपाल कार्यालय में आना जाना था, वहीं सुनील कुमार गुप्ता से मुलाकात हुई थी, गुप्ता जी ABVP के प्रांतीय अधिवेशन के लिये पूर्णतः समर्पित कार्यकर्ता थे, बाद में मालूम चला कि गुप्ता जी RGPV के कुलपति बना दिये गये और मेरी छोटी से बुद्धि को बाद में समझ आया कि गुप्ता जी कुलपति के पद तक कैसे पहुंचे होंगे ? खैर गुप्ता जी कुछ साल बाद 19 करोड़ रुपए के घोटाले में फंस गये, सामाजिक रूप से बहुत जलील हुए और उन्होंने जेल की चक्की का पिसा आटा भी खाया ? ये भृष्ट लोग कैसे किसी ज्ञान के मंदिर के पुजारी बना दिये जाते हैं ? जिस यूनिवर्सिटी का कुलपति पैसों के लिये अपना इमान बेच दे और छात्रों के विश्वास के साथ घात करे, उस देश को डूबने से ईश्वर भी नहीं बचा सकता ?
तो अपनी असल बात पर आते हैं , NEET – UG एंट्रेंस एक्जाम में 20 लाख छात्र 15000 – 20000 मेडिकल सीट के लिये बैठते हैं ! लेकिन NEET – UG 2026 एक्जाम निरस्त हो गया क्योंकि पेपर लीक हो गया ! तो क्या हुआ ? 22 लाख छात्रों की मेहनत पर कुठाराघात हुआ ! तो क्या हुआ ? 7 साल में 70 पेपर लीक हो गये ! तो क्या हुआ ? गरीब एवं निम्न आर्थिक स्थिति के बच्चे मानसिक अवसाद में आ गये ! तो क्या हुआ ? जिन बच्चों ने साल भर मेहनत की, समर्पण के साथ पढाई की, उनके साथ विश्वास घात हुआ ! तो क्या हुआ ? 4 बच्चों ने NEET परीक्षा निरस्त होने के बाद मानसिक अवसाद के चलते आत्महत्या कर ली ! तो क्या हुआ ? बच्चों को साल भर कोचिंग इंडस्ट्री ने लूटा था ! तो क्या हुआ ? साल भर बच्चे अपने घरों से दूर शहरों में भेड़ – बकरियों के समान कोचिंग इंस्टिटूट में सड़ते रहे ! तो क्या हुआ ? क्या बच्चों ने ईमानदारी के साथ जो पूरी ताकत 3 मई को NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा के लिये झोंक दी थी , क्या वैसा उत्साह, वैसे सपने लेकर वो फिर से NEET परीक्षा दे पाएंगे ?
जिन सच्चे, ईमानदार बच्चों को जबरदस्ती फिर से परीक्षा दिलवाई जा रही है , क्या उनका विश्वास नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( NTA ) की कथित पारदर्शी व्यवस्था पर बना रहेगा ? वर्ष 2024 में भी NEET के पेपर लीक हुए थे और परीक्षा स्थगित हुई थी, उस समय भी NTA सो रहा था और 2026 में भी NTA अपनी जेब भर के खर्राटे भर रहा था, वो तो भला हो सत्यनिष्ठ छात्रों का कि जिन्होंने NTA को लीकड पेपर्स पहुंचाए ? उसके बाद परीक्षा को निरस्त किया गया ? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NEET परीक्षा होने के पहले 8 – 10 दिनों से मार्केट में और संबंधित लोगों के बीच पेपर्स 10,15, 20 लाख कीमत में बिक रहे थे, टेलीग्राम में भी उपलब्ध थे , लेकिन बस NTA को खबर नहीं थी ? अब ये सोचिये कि जो प्रतिभाशाली छात्र 10 – 15 लाख खर्च नहीं कर सकते हों और अव्वल नंबर के मूर्ख और अज्ञानी छात्र 10 – 15 लाख दे के डॉक्टर बनने की पात्रता पा जाएं तो भारत की भृष्ट चिकित्सा शिक्षा और उससे निकले जुगाड़ू फर्जी डॉक्टर भारत के नागरिकों की जिंदगियों के साथ क्या गुल खिलाएंगे ?
NEET 2024 पेपर लीक और धांधली मामले में CBI और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने देशभर से 40 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जांच में सामने आया था कि इस संगठित रैकेट में कोचिंग संचालक, एनटीए (NTA) से जुड़े शिक्षक और सॉल्वर शामिल थे और आज सब जमानत पर बाहर हैं , जब, 2024 में ही मालूम चल गया था कि NTA के अंदर ही हिंदुस्तान के नौजवानों के सपनों को बर्बाद करने वाले दुश्मन बैठे हैं तो क्यों नहीं NTA को भंग कर दिया गया ? जब गद्दार सामने थे तो उन्हें उसी समय क्यों नहीं खत्म कर दिया गया ? 2026 के पेपर लीक मामले में भी NTA के कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गयी है, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देशव्यापी कार्रवाई करते हुए अब तक कई मुख्य आरोपियों, प्रोफेसरों और कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया है। जिनमें प्रमुख हैं पी. वी. कुलकर्णी , ये NTA की परीक्षा प्रक्रिया पैनल से जुड़े थे, दूसरी मुख्य आरोपी हैं मनीषा गुरुनाथ मंधारे, ये भी NTA के पेपर-सेटिंग पैनल में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल थीं।
फैजल खान जिन्हे पेशेवर रूप से ‘खान सर ‘ के नाम से जाना जाता है , वे भारत में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कोचिंग सेंटर चलाते हैं , खान सर बहुत ही सज्जन हैं और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं, वो कहते हैं कि NTA का मतलब हो गया है ” Not Trustable Agency “, उनका कहना है कि NTA के दोषी अधिकारी – कर्मचारियों को फांसी पर चढ़ा देना चाहिए अन्यथा ये 2 – 4 दिन के लिये जेल जायेंगे फिर जमानत पर छूट के बाहर आ जायेंगे ? और फिर छात्रों के भविष्य के साथ और सपनों के साथ खिलवाड करेंगे ?
जिनको छात्रों का रक्षक बना कर सरकार ने बैठाया हुआ है असल में वही छात्रों के भक्षक हैं , ये बात सब जानते हैं लेकिन सरकार जानना नहीं चाहती क्योंकि सरकार द्वारा बैठाया गया NTA का अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी है , क्योंकि जोशी जी ABVP के सक्रिय सदस्य रहे हैं, क्योंकि उनके अटल बिहारी बाजपेयी और अडवाणी जी से प्रगाढ़ संबंध रहे हैं ? प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी को 2023 में NTA का अध्यक्ष बनाया गया था और वे पूरी तरह असफल अध्यक्ष साबित हुए हैं लेकिन वो बेशर्मों की तरह NTA मे जमे हुए हैं I क्या आप जानते हैं कि देश भर में परीक्षा कराने वाले NTA के कुल कितने कर्मचारी हैं ? कुल मिलाकर – 193 कर्मचारी, 22 प्रतिनियुक्ति पर काम करने वाले कर्मचारी, 39 संविदा कर्मचारी
और 132 आउटसोर्स स्टाफ, क्या ये भाड़े के टट्टू लाखों करोड़ों बच्चों का भविष्य सँवार पाएंगे ? क्या इन चोरों की मंडली से किसी तरह की संवेदनशीलता , ज्ञान और ईमानदारी की उम्मीद की जा सकती है ? क्या NTA में उठाईगीरों और बेईमानों की जमात से भारत के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद लगाई जा सकती है !
भारत में ज्ञान की कीमत ही नहीं है ? जुगाड़, सेटिंग, बेईमानी, चाटुकारिता से NTA के अध्यक्ष बन जाते हैं, चुनाव आयोग के आयुक्त बन जाते हैं, यूनिवर्सिटी के चांसलर बन जाते हैं, UPSC के चेयरमेन बना दिये जाते हैं, सेटिंग से चुनाव जीत जाते हैं और वोट चोरी कर के मुख्यमंत्री और मंत्री बन जाते हैं, एक से एक गधेे ICC के चेयरमेन बन जाते हैं I ऐसे ही एक अकर्मण्य नेता हैं धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं लेकिन लाखों – करोड़ों छात्रों का जीवन बर्बाद कर के बेशर्मों की तरह मंत्री पद से चिपके बैठे है ? क्या जब छात्र सड़कों पर उतर के इनको कुर्सी से उतारेगी .. तब मानेंगे ? शर्म – हया बेच के जबरदस्ती सत्ता में बैठे रहना और मासूम छात्रों की बददुआयें लेना ना देश के लिये ठीक है ना नौजवान पीढी के विश्वास को बनाये रखने के लिये उचित है I
