जेफ़री एडवर्ड एपस्टीन एक जघन्य अंतर्राष्ट्रीय यौन तस्कर था , अब उसकी मायानगरी में फंसे दानवों के कच्चे – चिट्ठे मीडिया में आ रहे हैं I एपस्टीन दुनिया के जाने माने ताकतवर लीडर्स , व्यापारियों , पूंजीपतियों , सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों और अध्यात्मिक गुरुओं के सामने नाबालिग मासूम लड़कियां को काटने – फाड़ने और मसलने के लिये फेंकता था और समाज के तथाकथित सम्मानित घटिया लोग, ताकत के नशे में चूर दरिंदे छोटी छोटी लड़कियों के साथ अपनी हवस और फैंटेसी को मिटाने उसके वर्जिन आईलेंड मे लोलिता नाम के जहाज से जाते थे , पूरी दुनिया की मीडिया एपस्टीन फाइल्स के पीछे लगी है क्योंकि एपस्टीन फाइल्स की मनोहर कहानियों में सनसनी है, सेक्स है और उत्तेजना है I ताकतवर लोगों को एपस्टीन फाइल्स से बचाने के लिये उनकी PR टीम सक्रिय हो गयीं हैं और तरह तरह तरह के किस्से गढ़े जा रहे हैं कि जेफ़री एपस्टीन पावर ब्रोकर था याने अंतर्राष्ट्रीय बिचौलिया था और शर्म की बात है कि विदेशी सेवाओं का सेवानिवृत भृष्ट नौकरशाह और हिंदुस्तान का एक जबरदस्ती थोपा हुआ मंत्री , एपस्टीन से मोदी सरकार के कार्यक्रमों ‘ मेक इन इंडिया ‘ और ‘ डिजिटल इंडिया ‘ के लिये मिला करता था ? ऐसे जनता के हितों के दुश्मन और सत्ता के चाटुकारों को झूठ बोलने में और जनता को धोख़ा देने में एक क्षण भी शर्मिंदगी महसूस नहीं होती ?
जेफ़री एपस्टीन 2006 से बाल यौन तस्करी और यौन शोषण में शामिल था, उसकी दरिंदगी का काला अध्याय खुलने लगा था, कई शक्तिशाली लोगों के सरंक्षण के बावजूद उसको जेल जाना पड़ता है और फिर छूट भी आता है लेकिन 2019 में एपस्टीन को फिर जेल होती है और जेल की कोठरी में ही एपस्टीन मृत पाया जाता है, एपस्टीन के हत्यारे कौन थे ये बताने की कोई जरूरत है क्या ? एपस्टीन फाइल्स के मामले में हजारों लाखों ईमेल फोटोस, वीडियो बाहर दुनिया में आ चुके हैं और अभी तो बहुत कुछ बाहर आना है लेकिन एपस्टीन फाइल्स का पूर्ण खुलासा कभी नही होगा क्योंकि खुलासे से दुनिया की पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक , शैक्षणिक व्यवस्था जिनके हाथों में है उनको बहुत नुकसान होगा और वो कभी ऐसा होने नहीं देंगे I एपस्टीन फ़ाइलस के खुलासे से आम लोग जिनको पूजते हैं उनकी असलियत खुल जायेगी I धोख़ा दे के वोट ले रहे धोखेबाजों का और झूठ पर चल रहे लूट तंत्र का भंडाफोड़ हो जायेगा I सच तो ये है कि करोड़ों बोने और सडे हुए लोगों ने मिलकर कुछ महासडे और महाबोनों को अपना नेता बनाकर सिंहासन पर बैठा दिया है और अपना भाग्य विधाता बना लिया है और आश्चर्य की बात ये है कि भाग्य विधाताओं की घटिया और शर्मनाक गतिविधियों के बावजूद उनके समर्थक, उनके भक्त इसको नजरअंदाज कर रहे हैं ? और क्यों ना करें आखिर भक्त जो उनके ठहरे I
हिंदुस्तान में एपस्टीन फाइल्स की रंगीन कहानियों को लेकर जनता थू थू कर रही है , बाल यौन शोषण में संलिप्त नेताओं को और रसूखदारों को बुरा भला कह रही है लेकिन ये आम आदमी क्या खुद पाक साफ है ? भारत में तो रोजाना की बात है कि किसी 5 साल या 6- 8 साल की बच्चियों के साथ बलात्कार किया जाता है और कई मामलों में तो दरिंदे मासूम बच्चियों को मार भी डालते हैं ! हिंदुस्तान में तो बच्चियाँ ना तो बाहर सुरक्षित हैं ना ही घर में सुरक्षित हैं ? ये मासूम लड़कियाँ तो घर में हो रहे शोषण को किसी को बता भी नहीं पाती ? भारत में 4 – 5 करोड़ लड़कियाँ, लड़कों से कम हैं, 74 करोड़ लड़कों पर, 69 करोड लड़कियाँ हैं ? ये 5 करोड़ लड़कियों की या तो भ्रूण हत्त्या कर दी गयीं हैं या पैदा होते ही मार दी गयी हैं ? और यही लोग एपस्टीन फाइल्स में दर्ज बड़े बड़े लोगों के लिये नैतिकता की बात कर रहे हैं ? आम भारतीय को अगर ताकत और पैसा दे दिया जाये तो ये उससे भी ज्यादा नीचता का काम करें ? ये कोई प्रेमी लोग नहीं हैं या इस गलतफहमी में रहने की जरूरत नहीं है आम जनता कोई बोध या समझ से जी रही है ? इनको डर है जेल जाने का क्योंकि इनके पास ना तो ताकत है ना पैसा !
इंसानों का एक मेन्युफेक्चरिंग डिफेक्ट है अहंकार, जो हर इंसान में होता है, चाहे गरीब हो या अमीरजादा, चाहे शक्तिशाली हो या निशक्त, अहंकार याने घमंड नहीं होता .. अहंकार याने ” मैं ” का भाव और ये अहंकार सच से बहुत दूर भागता है और कमजोरों का शोषण करता है, मासूमों को मसलता है चाहे वो मासूम बच्चियाँ हों या मासूम जानवर जैसे मुर्गा, बकरी हो या खरगोश ! जिनको वो मार के ,पका के खा जाता है I क्या अहंकारी शेर, बाघ, लकड़बग्घा का शिकार करता है ? अहंकारी के सामने जो कमजोर आयेगा वो उसको मसलेगा I एक मजदूर अपने घर पर कमजोरों का शोषण करेगा, एक जिले का ताकतवर बंदा जिले के लोगों पर हावी होगा और जो देश का बड़ा ताकतवर नेता या पूँजीपति पूरे देश के लोगों को निचोड़ेगा .. अपना नेता समझ से चुनो और पूंजीपतियों के सामान को और शेयर को बोध और विवेक से खरीदो , पाखंडी धर्मगुरुओ को उनकी औकात बताओ और पूँजीपति चाटुकार मीडिया को देखना, सुनना बंद करो नहीं तो ये सब मिलकर तुम्हारी मासूम बच्चियों को भी नही छोड़ेंगे I
