सशक्त महिला – सशक्त राष्ट्र
राजनीति हो या अंतरिक्ष को भेदने का लक्ष्य हो , महिलाएं चाहें तो हर लक्ष्य को साध सकती हैं , जरूरत है हौसले की, कुछ कर गुजरने की : प्रतिमा बागरी
मध्य प्रदेश शासन की उदीयमान, प्रतिभावान
नगरीय विकास एवं आवास विभाग राज्य मंत्री श्रीमति प्रतिमा बागरी डॉ मोहन यादव कैबिनेट सबसे युवा मंत्री हैं , राजनीति उनकी विरासत भले ही रही हो लेकिन राजनीति की राह इतनी आसान नहीं होती , प्रतिमा बागरी के लिये भी आसान नहीं रही , उन्होंने भी पिछले 15 सालों में राजनीति की कई चुनौतियों का सामना किया और अंततः 2023 में उन्होंने रेगांव जिला सतना से विधानसभा चुनाव रिकॉर्ड 36000 वोटों से जीतकर प्रतिमा बागरी ने ये संदेश दिया है कि अगर लक्ष्य संकल्पित हो और ध्येय के लिये पूर्ण समर्पण के साथ परिश्रम किया गया हो तो सफलता अवश्यंभावी हो जाती है I
प्रतिमा बागरी एक युवा नेत्री हैं और जब कोई युवा राजनीति में आता है तो उससे बहुत उम्मीदें होती हैं, प्रतिमा बागरी उच्च शिक्षित हैं उन्होंने एल. एल. बी. की डिग्री हासिल तो की है साथ ही उन्होंने मास्टर इन सोशल वेलफेयर ( MSW ) की स्नातकोत्तर डिग्री अर्जित की है I प्रतिमा बागरी के माता पिता दोनों ही जिला पंचायत के सदस्य रहे हैं , प्रतिमा बाग़री के राजनीतिक संघर्ष की बानगी देखिये की उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत संगठन के एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में करी थी I वर्ष 2010 में मात्र 21 साल की उम्र में उन्होंने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था लेकिन कुछ 100 वोटों से हार गयी थी और उसके बाद राजनीति से उनकी रुचि खत्म सी हो गयी I शादी के बाद वो सतना के बाहर ससुराल मे रहकर पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गयीं , लेकिन 2015 में वो सतना वापिस आ गयीं और उनकी राजनीति में पुनः वापसी हो गई और वो भारतीय जनता पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भागीदारी करने लगीं, वर्ष 2017 में वो सतना जिले की महिला मोर्चा की महामंत्री चुनी गयीं I
उसके बाद 2021 में रेगांव में हुए उपचुनाव में प्रतिमा बागरी को कांग्रेस की कल्पना वर्मा से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पूरे समर्पण के साथ 2023 के विधानसभा चुनाव के लिये तैयारी करती रही और उनकी मेहनत, उनकी नीयत, उनकी नीतियां रंग लायी और उन्हें चुनाव में ऐतिहासिक विजय मिली और फलस्वरूप उन्हें सबसे युवा मंत्री बनने का गौरव भी प्राप्त हुआ I प्रतिमा बागरी शिक्षित युवाओं को खासकर महिलाओं को राजनीति में आने का आव्हान करती हैं, दूर से बैठकर राजनीति को गंदा बोलना या नेताओं को बुरा भला कहने से कुछ नहीं होगा, युवाओं की राजनीति में सक्रिय भागीदारी से ही राजनीति को स्वच्छ किया जा सकता है I वो कहती हैं कि एक जनप्रतिनिधि से जनता की बहुत उम्मीदें होती हैं और ये भी सच है कि सबकी उम्मीदें पूरा करना नामुमकिन होता है I युवाओं को आगे आकर अपने क्षेत्र के, शहर के और देश के विकास को लेकर क्या विचार हैं , उन विचारों को राजनीति के माध्यम से सामने लाना चाहिए I
राजनीति एक बहुत कठिन काम है और उस पर खासकर भारत में एक महिला के लिये राजनीति करना और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना अत्यंत ही कठिन है , जहां अधिकांश महिलाओं को घर और रसोई के कामों से ही फुर्सत नहीं है वहां राजनीति जैसे दुर्गम क्षेत्र में हजारों – लाखों लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना, चुनाव जीतना और उसके बाद मंत्री बनकर करोड़ों जनता की आशाओं को, भरोसे को बनाये रखना बहुत बड़ी चुनौती है I 35 साल की अल्प उम्र में प्रतिमा बागरी करोड़ों महिलाओं के लिये एक प्रेरणा हो सकती हैं, प्रतिमा बागरी के छोटे छोटे बच्चे हैं, पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं तो क्या हुआ ? राजनीति हो या अंतरिक्ष को भेदने का लक्ष्य हो , महिलाएं चाहें तो हर लक्ष्य को साध सकती हैं , जरूरत है हौसले की, कुछ कर गुजरने की ! प्रतिमा बागरी के जीवन से सभी को खासकर महिलाओं को ये समझने की जरूरत है कि जीवन में कुछ भी आसान नहीं होता , उन्होंने सभी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ये मुकाम पाया है और आज भी प्रतिमा बागरी के सामने चुनौतियाँ मुंह बाये खड़ी हुई हैं लेकिन वो हर चुनौती को सकारात्मक रूप से लेती हैं यही उनकी सफलता का राज है I
जब 2021 में प्रतिमा बागरी को विधानसभा उपचुनाव में 12000 वोटों से शिकस्त मिली तो बहुत निराश हुई, मन किया कि राजनीति को हमेशा के लिये टाटा बाय बाय कह दिया जाये लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और हार के दूसरे दिन ही क्षेत्र में निकल पडीं निराश कार्यकर्ताओं में जान फूंकने ! और बोलीं की हमको 12000 वोट कम नहीं मिले हैं हमेँ 61000 वोट मिले हैं, 2 साल डट के मेहनत करेंगे तो ये 12000 वोट भी पा लेंगे और प्रतिमा बागरी की इस सकारात्मक सोच का ये परिणाम है कि प्रतिमा बागरी आज प्रदेश की राज्य मंत्री हैं, जो महिलाएं निराश बहुत जल्दी हो जाती हों वो निराशा के समय श्रीमति प्रतिमा बागरी को अवश्य स्मरण कर लिया करें I
प्रतिमा बागरी हमेशा कहती हैं कि युवा महिलाओं को आगे आना चाहिए और देश की उन्नति में सहभागिता करनी चाहिए I
( मुक्ति की उड़ान पत्रिका के मार्च 2026 अंक ( महिला सशक्तिकरण विशेषांक ) से उद्धृत लेख )
