राहुल गाँधी जानते हैं कि चुनाव आयोग धांधली कर रहा है और राहुल गाँधी ये भी जानते हैं कि चुनाव आयोग की झुकी रीढ़ में उनकी धमकियाँ सिहरन पैदा कर रही हैं I
सत्ता के प्रभाव में भले ही आदमी बेईमानी कर ले, लेकिन बेईमानी के उजागर होने से हमेशा भयभीत रहता है, राहुल गाँधी सरकारी मुलाजिम के इसी भय को डरावने सपने में बदलने का काम कर रहे है !
पूरी भाजपा में अजीब सन्नाटा छाया हुआ है, भय, असमंजस का दौर है, भाजपा को बेकफुट में देखकर राहुल गाँधी की उग्रता बढ़ती जा रही है
सत्ता की अंधभक्ति मे दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं, आँखे खुलने लगी हैं, जेल और बर्खास्तगी दिखने लगी है
राहुल गाँधी ने नरेंद्र मोदी की छवि को नेस्तनाबूद कर दिया है और ” वोट चोर – गद्दी छोड़ ” जैसे शर्मनाक नारों से मोदी जी की सत्ता में सेंध लगा दी है I
मुक्ति की उड़ान / भोपाल
राहुल गाँधी अब चुनाव आयोग को खुली चुनौती दे रहे हैं ! साथ में नरेंद्र मोदी का खुले आम मंचों से नाम लेकर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं ! राहुल गाँधी में ये आक्रोश, ये दम, ये हौसला कैसे आया ? राहुल गाँधी तीनों चुनाव आयुक्तों को देशद्रोही बताकर निर्भीक पूर्वक देख लेने की बात कर रहे हैं, राहुल गाँधी कहते हैं कि जिस दिन वो सत्ता में आये , उस दिन वोट चोरी करने वालों को ढूंढ ढूंढ के सजा दूंगा ! चाहे वो कहीं भी हों, चाहे वो सेवानिवृत हो गये हों, लेकर वो बच नही पाएंगे I राहुल गाँधी जानते हैं कि चुनाव आयोग धांधली कर रहा है और राहुल गाँधी ये भी जानते हैं कि चुनाव आयोग की झुकी रीढ़ में उनकी धमकियाँ सिहरन पैदा कर रही हैं I
बिका हुआ , लालची आदमी डरा हुआ होता है, सत्ता के प्रभाव में भले ही वो बेईमानी कर ले, लेकिन बेईमानी के उजागर होने से हमेशा भयभीत रहता है, राहुल गाँधी सरकारी मुलाजिम के इसी भय को डरावने सपने में बदलने का काम कर रहे है, भ्रष्ट, बेईमान के लिये क्या नरेंद्र मोदी और क्या राहुल गाँधी ? ऐसे लोगों के लिये नरेंद्र मोदी एक मोहरा हैं और नरेंद्र मोदी के लिये चुनाव आयोग मात्र उनकी बिछाई शतरंज का एक चुनाव जिताने वाला प्यादा , प्यादा जानता है कि अगर जंग हुई तो सबसे पहले वो ही मारा जायेगा, जिसने ये बिसात बैठाई है वो तो साफ साफ निकल जायेगा लेकिन देशद्रोह के आरोप में बाकी जिंदगी कौन जेल में काटेगा ?
पूरी भाजपा में अजीब सन्नाटा छाया हुआ है, भय, असमंजस का दौर है, भाजपा को बेकफुट में देखकर राहुल गाँधी की उग्रता बढ़ती जा रही है, जो थोडा बहुत भाजपा के अनुराग ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर के चुनाव आयोग को संबल और सुरक्षा देने का प्रयास किया और राहुल गाँधी को चुनौती देने की कोशिश की थी लेकिन अनुराग ठाकुर अतिउत्साह में राहुल गाँधी से ज्यादा भाजपा को नुकसान पहुंचा बैठे ! उसके बाद चुनाव आयोग का भी डर दिखने लगा और उसने प्रेस कांफ्रेंस कर के राहुल गाँधी के आरोपों का जवाब देने का दुस्साहस दिखाया लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त का ये दुस्साहस , बेक फायर कर गया और ज्ञानेश कुमार खुद एक पिटे हुए मोहरे साबित हो गये I
राहुल गाँधी के जहरीले तीर निशाने पर लग रहे हैं और चुनाव आयोग बिन पानी मछली की तरह तड़प रहा है, भाजपा की हालत ऐसी हो गयी है कि वो किसी और के लिये बिछाये जाल में खुद फंसती नजर आ रही है ! सरकारी मुजालिम के लिये तो उसकी नौकरी , उसका परिवार ही सब कुछ होता है लेकिन राहुल गाँधी की खुले आम धमकियाँ सरकारी नौकर की चूलें हिला रही हैं और शायद राहुल गाँधी के रौद्र रूप ने भाजपा के सुरक्षा कवच को भी हिला कर रख दिया है .. सत्ता की अंधभक्ति मे दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं, आँखे खुलने लगी हैं, जेल और बर्खास्तगी दिखने लगी है .. राहुल गाँधी की ताकत बढ़ रही है, ताकत का खौफ ऐसा कि सत्ता की गोदी में बैठे नौकर शाहों में दहशत पैदा होनी शुरू हो गयी है I
जिस तरह नरेंद्र मोदी अपने ओजस्वी भाषणों और नेहरू – इंदिरा – सोनिया – मनमोहन को बुरा – भला कहकर और राहुल गाँधी को पप्पू बनाकर सत्ता पर आसीन हुए थे उसी तरह राहुल गाँधी ने भी नरेंद्र मोदी की छवि को नेस्तनाबूद कर दिया है और ” वोट चोर – गद्दी छोड़ ” जैसे शर्मनाक नारों से मोदी जी की सत्ता में सेंध लगा दी है I
